यत्र गह्वरकं नाम वनं द्वंद्वमनोहरम ।
नित्यकेली विलासेन निर्मितम राधया स्वयं ।।
- वृषभानुपुर शतक (7)
बरसाने में गह्वर वन है, जिसे श्री राधा ने स्वयं निर्मित किया है जो उनकी नित्य केली विलास क्रीड़ा स्थल है, इसीलिए यह स्थल नित्य विहार माना गया है ।
नित्यकेली विलासेन निर्मितम राधया स्वयं ।।
- वृषभानुपुर शतक (7)
बरसाने में गह्वर वन है, जिसे श्री राधा ने स्वयं निर्मित किया है जो उनकी नित्य केली विलास क्रीड़ा स्थल है, इसीलिए यह स्थल नित्य विहार माना गया है ।

