श्री राधे कीजै कृपा, चहत नागरीदास।
अपने वृन्दाविपुन कौं, देहु वास सुखरास॥
- श्री नागरीदास (महाराज सावंत सिंह जी), श्री नागरीदास जी की वाणी, निकुंज विलास (104)
श्री नागरीदास जी कहते हैं—हे राधे! हे समस्त सुखों की राशि! मुझ पर कृपा कीजिए और किसी भी प्रकार मुझे अपने निज धाम वृन्दावन में वास दीजिए।
अपने वृन्दाविपुन कौं, देहु वास सुखरास॥
- श्री नागरीदास (महाराज सावंत सिंह जी), श्री नागरीदास जी की वाणी, निकुंज विलास (104)
श्री नागरीदास जी कहते हैं—हे राधे! हे समस्त सुखों की राशि! मुझ पर कृपा कीजिए और किसी भी प्रकार मुझे अपने निज धाम वृन्दावन में वास दीजिए।

