भक्त वत्सला लाडिली, श्यामा परम उदार। निज रसिकन सुख कारनी, जै जै रस आधार॥ - ब्रज के दोहे भक्तों पर स्नेह और प्रेम बरसाने वाली, परम उदार स्वामिनी, अपने रसिकों को सुख प्रदान करने वाली तथा रस की आधार-स्वरूपा श्यामा जू (श्री राधा) की जय हो।