माथुरं मंडलं दिव्यं दृश्यतेऽग्रे नितम्बिनि ।
गोलोकभूमिसंयुक्तं प्रलयेऽपि न संहृतम् ॥
- गर्गसंहिता, वृन्दावनखण्डः(1.53)
भगवान बोले: ब्रज मंडल दिव्य धाम है जो गोलोक से संयुक्त है, प्रलय में भी इसका संहार नहीं होता है ।
गोलोकभूमिसंयुक्तं प्रलयेऽपि न संहृतम् ॥
- गर्गसंहिता, वृन्दावनखण्डः(1.53)
भगवान बोले: ब्रज मंडल दिव्य धाम है जो गोलोक से संयुक्त है, प्रलय में भी इसका संहार नहीं होता है ।

