जमुना जल अँचवन करै जमुना जल में नहाहि - ब्रज के दोहे

जमुना जल अँचवन करै जमुना जल में नहाहि - ब्रज के दोहे

जमुना जल अँचवन करै, जमुना जल में नहाहि।
जहाँ जहाँ जमुना बहै, तहाँ तहाँ जम नाहीं॥

- ब्रज के दोहे

यमुना जी के जल से आचमन करें और उसमें स्नान करें, क्योंकि जहाँ-जहाँ यमुना जी का प्रवाह होता है, वहाँ यमराज का कोई प्रभाव नहीं रहता।