हाथ जोरि ठाढ़ो रह्यो, जिनके सनमुख काल।
नारायण सोऊ बली, परे काल के गाल॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (19)
जिसके सन्मुख काल भी हाथ जोड़कर खड़ा होता है, ऐसे बली (शक्तिशाली) भी मृत्यु के ग्रास बन जाते हैं।
नारायण सोऊ बली, परे काल के गाल॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (19)
जिसके सन्मुख काल भी हाथ जोड़कर खड़ा होता है, ऐसे बली (शक्तिशाली) भी मृत्यु के ग्रास बन जाते हैं।

