भवसागर तैं बूड़त राखै - श्री सूरदास, सूर सागर

भवसागर तैं बूड़त राखै - श्री सूरदास, सूर सागर

भवसागर तैं बूड़त राखै, दीपक हाथ धरे।
सूर श्याम गुरु ऐसे समरथ, छिन्न में ले उधरै॥

- श्री सूरदास, सूर सागर

भवसागर में डूबने वालों को गुरु ज्ञान रूपी दीपक प्रदान करते हैं। सूरदास कहते हैं कि वास्तविक गुरु इतने समर्थ होते हैं कि वे क्षण भर में ही जीव का पूर्ण उद्धार कर देते हैं।