सबै सखी सब सौंज लै - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (39)

सबै सखी सब सौंज लै - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (39)

सबै सखी सब सौंज लै, रंगी जुगल ध्रुव रंग।
समै-समै की जानि रुचि, लियै रहति हैं संग॥

- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (39)

युगल के अविचल प्रेम-रंग में रंगी सखियाँ, समय-समय की रुचि अनुसार सेवा की सभी सामग्री लिए, निरन्तर युगल के संग बनी रहती हैं।