हिरण्याक्ष जगमें विदित - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (13)

हिरण्याक्ष जगमें विदित - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (13)

हिरण्याक्ष जगमें विदित, हिरण्यकशिपु बलवान।
नारायण क्षण में भये, यह सब राख मसान॥

- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (13)

मृत्यु एक अटल सत्य है, जिसके आगे किसी की नहीं चलती; क्योंकि हिरण्याक्ष जैसा विख्यात राक्षस और हिरण्यकशिपु जैसा बलवान असुर भी एक क्षण में काल के चक्र में पड़कर नष्ट हो गए।