श्री बिहारी दास जल जंतु ज्यौं - श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (131)

श्री बिहारी दास जल जंतु ज्यौं - श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (131)

श्री बिहारी दास जल जंतु ज्यौं, जल बिन रहै न प्राँन।
याही अर्थे समझि लै, नित्य बिहार निदान॥
- श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (131)

श्री बिहारिनदास जी कहते हैं कि जैसे जल के बिना मछली अपने प्राण त्याग देती है, उसी प्रकार श्री श्यामा-श्याम का नित्य-विहार ही मेरे जीवन के प्राण हैं; उसके बिना मेरी कोई दूसरी गति नहीं है।