श्याम ही सुन्दर श्याम ही अलकें - श्री गोविन्द स्वामी, श्री गोविन्द स्वामी जी की वाणी

श्याम ही सुन्दर श्याम ही अलकें - श्री गोविन्द स्वामी, श्री गोविन्द स्वामी जी की वाणी

(राग टोड़ी)
श्याम ही सुन्दर श्याम ही अलकें श्याम बनी बेनी अति भारी।
श्याम ही भौंह सोहनी बाँकी श्याम ही नेनन अन्जन सारी।।1।।
श्याम कपोलन श्याम डिठौना श्याम ही ओढ़े कामरि कारी।
श्याम दृगन के श्याम हैं तारे श्याम सुंदर गोविन्द गिरधारी।। 2।।

- श्री गोविन्द स्वामी, श्री गोविन्द स्वामी जी की वाणी

श्याम वर्ण वाले श्री कृष्ण अत्यंत ही सुंदर हैं, जिनके श्याम रंग की ही अल्कें एवं बेनी अत्यंत भारी हैं। श्याम रंग की ही भौंहें एवं अखियों में भी श्याम रंग का ही काजल लगा हुआ है। [1]

श्याम रंग के चेहरे पर काला टीका (जिससे नज़र ना लगे) शोभित है एवं श्याम रंग की ही काली कामर ओढ़ी हुई है। श्री गोविन्द दास जी कहते हैं कि श्याम सुंदर जिन्होंने गोवर्धन धारण किया है वह श्याम दृगन (श्याम भक्तों) की आंखों के तारे हैं। [2]