वृन्दावनं महत्पुण्यं सर्व पावन पावनम् - सनत्कुमार  संहिता (31.36)

वृन्दावनं महत्पुण्यं सर्व पावन पावनम् - सनत्कुमार संहिता (31.36)

वृन्दावनं महत्पुण्यं सर्व पावन पावनम् ।
सर्व लोक वहिर्भूत निराधारं परिस्फुटम् ॥

-  सनत कुमार संहिता (31.36)

वृन्दावन की बड़ी महिमा है यह सब पवित्रों को भी पवित्र करने वाला है। यह समस्त लोकों से बाहर निराधार स्थित है ।