श्री प्रिया वदन छबि चंद मनौं - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, युगल ध्यान (1)

श्री प्रिया वदन छबि चंद मनौं - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, युगल ध्यान (1)

श्री प्रिया वदन छबि चंद मनौं, प्रीतम नैंन चकोर।
प्रेम सुधा रस माधुरी, पान करत निसि भोर॥

- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, युगल ध्यान (1)

श्री प्रिया का मुख मानो चन्द्र के समान है, और प्रियतम श्रीकृष्ण के नयन मानो चकोर पक्षी के समान हैं, जो नित्य ही उस प्रेममयी सुधा-माधुरी का पान करते रहते हैं।