श्री वृंदावनस्य अप्रकट लीलानुगत प्रकाश एव गोलोक इति - श्री जीव गोस्वामी, श्री कृष्ण संदर्भ यह वृंदावन जो इस धर पर प्रकट है, वह उस अप्रकट गोलोक वृंदावन का लीला प्रकाश है ।