ब्रह्मादिक सनकादि महामुनि - श्री सूरदास जी

ब्रह्मादिक सनकादि महामुनि - श्री सूरदास जी

ब्रह्मादिक सनकादि महामुनि, कलपत दोऊ कर जोर।
वृन्दावन के तृन न भये हम, लगत चरण के छोर॥

- श्री सूरदास जी

ब्रह्मादि देवता, सनकादि तथा महामुनि जन कल्पों तक हाथ जोड़कर यही प्रार्थना करते रहते हैं कि किसी प्रकार वृंदावन का तृण बन जाएँ, जिससे वे श्री युगल सरकार (राधा-कृष्ण) के चरणों से सदा लगे रह सकें।