चस्मा नित्य बिहार कौ, दियौ बिहारिनि मोहि

चस्मा नित्य बिहार कौ, दियौ बिहारिनि मोहि

चस्मा नित्य बिहार कौ, दियौ बिहारिनि मोहि
- श्री भगवत रसिक - भगवत रसिक की वाणी, अनन्यरसीकाभरण ग्रन्थ (7.8)

श्री लाडली जी ने स्वयं हमें यह नित्य बिहार की दृष्टि प्रदान की है।