नहिं सो माता पिता नहिं - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (65)

नहिं सो माता पिता नहिं - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (65)

नहिं सो माता पिता नहिं, मित्र पुत्र कोउ नाहिं।
इनमें जो अन्तर करै, बसत वृन्दावन माँहि॥

- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (65)

वे माता-पिता, मित्र या पुत्र भी अपने नहीं हैं, जो वृंदावन-वास में व्यवधान डालते हैं।