भक्त भक्ति भगवंत गुरु, चतुर नाम बपु एक।
इनके पद बंदन किएँ, नासत विध्न अनेक॥
- श्री नाभाजी, भक्तमाल
भक्त, भक्ति, भगवान् और गुरु—कहने को तो ये चार हैं, किन्तु वास्तव में इनका स्वरूप एक ही है। इनके चरणों की वन्दना करने से अनेक विघ्नों का नाश हो जाता है।
इनके पद बंदन किएँ, नासत विध्न अनेक॥
- श्री नाभाजी, भक्तमाल
भक्त, भक्ति, भगवान् और गुरु—कहने को तो ये चार हैं, किन्तु वास्तव में इनका स्वरूप एक ही है। इनके चरणों की वन्दना करने से अनेक विघ्नों का नाश हो जाता है।

