राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे । रसिक कहें कोटि रसना दिला दे ।। - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (6662) श्री राधे नाम का ऐसा अद्बुत रस है कि रसिक चाह करते हैं कि उन्हें अनंत कोटि रसना मिल जाए इसे पान करने कि लिए ।