भजन करौ भोजन करौ, गावो तान तरंग।
निसि दिन लव लागी रहै, रसिक बिहारी संग॥
- श्री ललितमोहिनी देव, श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (19)
श्री ललित मोहिनी देव कहते हैं—“हे मन! तू श्री रसिक बिहारी जू का उत्साहपूर्वक भजन कर, उनका प्रसाद ग्रहण कर और उनके गुणों का गान कर। दिन-रात हर प्रकार से ऐसा उपाय कर कि केवल रसिक-शिरोमणि श्री बिहारी जू का ही स्मरण और संग बना रहे।”
निसि दिन लव लागी रहै, रसिक बिहारी संग॥
- श्री ललितमोहिनी देव, श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (19)
श्री ललित मोहिनी देव कहते हैं—“हे मन! तू श्री रसिक बिहारी जू का उत्साहपूर्वक भजन कर, उनका प्रसाद ग्रहण कर और उनके गुणों का गान कर। दिन-रात हर प्रकार से ऐसा उपाय कर कि केवल रसिक-शिरोमणि श्री बिहारी जू का ही स्मरण और संग बना रहे।”

