भज इत्येष वै धातु - गरुड़ पुराण, भक्ति संदर्भ

भज इत्येष वै धातु - गरुड़ पुराण, भक्ति संदर्भ

भज इत्येष वै धातुः सेवायां परिकीर्तितः।
तस्मान सेवा बुधैः प्रोक्ता भक्ति साधन भूयसी॥
गरुड़ पुराण, भक्ति संदर्भ
 
भक्ति का अर्थ क्या है? भक्ति ‘भज' धातु से है, जिसका अर्थ होता है सेवा । इसलिए कोई भी सेवा जो भगवत् संतोष के लिए की जाती है, जिससे स्वामी को सुख मिलता है उसे ही भक्ति कहते हैं ।