श्रीराधिका कृष्ण युगं सनातनं नित्यैक - उदम्बर संहिता

श्रीराधिका कृष्ण युगं सनातनं नित्यैक - उदम्बर संहिता

श्रीराधिका कृष्ण युगं सनातनं नित्यैक रूपं विगमादि वर्जितम् ।
यद्वज्जलो ल्लोल युगं मिथोरतं सद्र गोचरं यावद वाप्नु यात्रतु ॥

- उदम्बर संहिता

श्रीराधिका कृष्ण तत्व से एक होने पर भी अनादि काल से विच्छेद रहित इस प्रकार युगल हैं जैसे जल और उसकी तरंगे कभी अलग अलग नहीं होती हैं। इनका साक्षातकार एक मात्र सत्संग से ही हो सकता है।