उर में बिठाना चाहो जग संग श्यामा - श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (58)

उर में बिठाना चाहो जग संग श्यामा - श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (58)

उर में बिठाना चाहो जग संग श्यामा।
अंधकार रवि कभु रहे एक ठामा॥

- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (58)
 
जिस हृदय में जगत का निवास है, उसमें श्री किशोरी राधिका अपना आसन कैसे स्थापित करें? अंधकार और सूर्य कभी भी एक साथ नहीं रह सकते।