वनं वृन्दावनं नाम सर्व श्रृंगार दायकम् ।
सर्वत्र कांचनी भूमिः दिव्योद्यान समुद्भभवे ॥
- अनन्त संहिता
यह वृन्दावन नामक वन सब श्रृंगार को देने बाला है इसकी भूमि सब स्वर्ण मयी है। जिसमें सुन्दर सुन्दर बगीचे हैं।
सर्वत्र कांचनी भूमिः दिव्योद्यान समुद्भभवे ॥
- अनन्त संहिता
यह वृन्दावन नामक वन सब श्रृंगार को देने बाला है इसकी भूमि सब स्वर्ण मयी है। जिसमें सुन्दर सुन्दर बगीचे हैं।

