गुणातीतं तु तद्धाम -  सनत कुमार संहिता (39.36)

गुणातीतं तु तद्धाम - सनत कुमार संहिता (39.36)

गुणातीतं तु तद्धाम सुन्दरं सर्व दुर्लभम् । 
युगलं क़्रीडते तत्र नित्य धाम्नि सुखास्पदे ।। 
-  सनत कुमार संहिता (39.36)

वृंदावन धाम मायिक तीन गुणों से रहित है और परम सुन्दर है। सब लोगों को दुर्लभ है। इस प्रकार परम सुखास्पद नित्य धाम में श्रीप्रिया प्रीतम नित्य विहार करते हैं।