राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे - श्री कृपालु जी, राधा गोविन्द गीत (6618)

राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे - श्री कृपालु जी, राधा गोविन्द गीत (6618)

राधे नाम रस ऐसा गोविंद राधे ।
ब्रज की लता पता भी राधे राधे गा दे ।।

- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (6618)

श्री राधे नाम का ऐसा अद्बुत रस है कि ब्रज की लता पता इत्यादि भी नित्य “राधे राधे" गाते हैं ।