ब्रजभूमि मोहनी, जा चौरासी कोस।
श्रद्धा सहित पगधरे, पाप सब कर खौय॥
- ब्रज के दोहे
ब्रजभूमि मोहिनी है; जो भी जीव श्रद्धाभाव से चौरासी कोस में पग धरता है, उसके समस्त पापों का निश्चित ही नाश हो जाता है।
श्रद्धा सहित पगधरे, पाप सब कर खौय॥
- ब्रज के दोहे
ब्रजभूमि मोहिनी है; जो भी जीव श्रद्धाभाव से चौरासी कोस में पग धरता है, उसके समस्त पापों का निश्चित ही नाश हो जाता है।

