बरसाने के वास की आस करे शिव शेष - ब्रज के दोहे

बरसाने के वास की आस करे शिव शेष - ब्रज के दोहे

बरसाने के वास की, आस करे शिव शेष।
जाकी महिमा को कहे, श्याम धरे सखि भेष॥

- ब्रज के दोहे

शिव, शेषनाग आदि देवता भी बरसाना-वास की आशा रखते हैं। बरसाना की महिमा का बखान कौन कर सकता है, जहाँ स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी सखी का रूप धारण करके प्रवेश करते हैं।