बरसाने के वास की, आस करे शिव शेष।
जाकी महिमा को कहे, श्याम धरे सखि भेष॥
- ब्रज के दोहे
शिव, शेषनाग आदि देवता भी बरसाना-वास की आशा रखते हैं। बरसाना की महिमा का बखान कौन कर सकता है, जहाँ स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी सखी का रूप धारण करके प्रवेश करते हैं।
जाकी महिमा को कहे, श्याम धरे सखि भेष॥
- ब्रज के दोहे
शिव, शेषनाग आदि देवता भी बरसाना-वास की आशा रखते हैं। बरसाना की महिमा का बखान कौन कर सकता है, जहाँ स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी सखी का रूप धारण करके प्रवेश करते हैं।

