कहा करें रसखान को - श्री रसखान

कहा करें रसखान को - श्री रसखान

कहा करें रसखान को, कोऊ चुगल लबार।
जाके राखनहार है, माखन चाखन हार॥

- श्री रसखान

हे रसखान! चाहे कोई कितना ही कुटिल व्यक्ति हमारी चुगली [निंदा] क्यों न करे, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि हमारी रक्षा करने वाला माखन-चोर श्रीकृष्ण है।