श्रीराधारानी चरण, विनवौं बारंबार।
विषय वासना नास करि, करो प्रेम संचार॥
- श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (7.1)
मैं बार-बार श्री राधारानी के चरणों में प्रणाम करता हूँ, जिन चरणों की कृपा से विषय-वासनाओं का नाश होता है और प्रेम-भक्ति का संचार होता है।
विषय वासना नास करि, करो प्रेम संचार॥
- श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (7.1)
मैं बार-बार श्री राधारानी के चरणों में प्रणाम करता हूँ, जिन चरणों की कृपा से विषय-वासनाओं का नाश होता है और प्रेम-भक्ति का संचार होता है।

