कालिन्दी-तट-कुञ्जे - श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री राधा सुधा निधि (198)

कालिन्दी-तट-कुञ्जे - श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री राधा सुधा निधि (198)

कालिन्दी-तट-कुञ्जे, पुञ्जीभूतं रसामृतं किमपि ।
अद्भुत केलि-निधानं, निरवधि राधाभिधानमुल्लसति ।।
- श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री राधा सुधा निधि (198)

वृंदावन में श्री यमुना तट के कुञ्ज में कोई अनिर्वचनीय रसामृत एवं अद्भुत केलि-निधान “श्रीराधा” नामक स्वरुप असीम रूप से उमड़ रहा है ।