श्रीराधा राधा रटौं - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, गिरिराज अष्टक (45)

श्रीराधा राधा रटौं - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, गिरिराज अष्टक (45)

श्रीराधा राधा रटौं, राधा ही कौ ध्यान।
सदाँ लाल बलबीर उर, राधा नाम प्रधान॥
- श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, गिरिराज अष्टक (45)

नित्य ही ‘राधा-राधा’ का जप करो और राधा का ही ध्यान करो। श्री लाल बलबीर कहते हैं कि मेरे हृदय में राधा-नाम तथा राधा-नाम की दिव्यता, प्रधानता और भव्यता नित्य ही बसी हुई है।