मणिनूपुरवाचालं वन्दे तच्चरणं विभोः ।
ललितानि यदीयानि लक्ष्माणि व्रजवीथिषु ।।
- श्री बिल्वमंगल, श्री कृष्ण कर्णामृतम (16)
मैं उन विभु भगवान् श्रीकृष्ण के उन चरणारविन्द को प्रणाम करता हूँ जो मणिमय नूपुरों से वाचाल हैं अथवा मणि तथा नूपुरों की द्रुतगति से मुखर हैं और जिनके ललित चिह्न ब्रज की वीथियों में अंकित हैं ।
ललितानि यदीयानि लक्ष्माणि व्रजवीथिषु ।।
- श्री बिल्वमंगल, श्री कृष्ण कर्णामृतम (16)
मैं उन विभु भगवान् श्रीकृष्ण के उन चरणारविन्द को प्रणाम करता हूँ जो मणिमय नूपुरों से वाचाल हैं अथवा मणि तथा नूपुरों की द्रुतगति से मुखर हैं और जिनके ललित चिह्न ब्रज की वीथियों में अंकित हैं ।

