व्यास बड़े हरिके जना - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (59)

व्यास बड़े हरिके जना - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (59)

व्यास बड़े हरिके जना, जिनके हरि आधार।
निसिदिन हरिके भजन में, घटत न कबहुँ प्यार॥

- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (59)

सबसे बड़े वही हैं जो भगवान हरि के भक्त हैं, जिनका एकमात्र आधार स्वयं श्रीहरि हैं। हरि के भक्त नित्य उनके भजन में ही उन्मत्त रहते हैं और उनका प्रेम एक क्षण के लिए भी हरि के प्रति कम नहीं होता।