वृन्दावनविहारेषु कृष्णं कैशोरविग्रहम् ।
अन्यारण्येषु स्थानेषु बाल्यपौगण्डयौवनम् ॥
- पद्म पुराण
श्री वृंदावन विहार लीलाओं में श्री कृष्ण नित्य किशोर स्वरूप (15 वर्ष की अवस्था) में हैं। अन्य वन तथा स्थानों में उनकी अवस्था कहीं बाल/कुमार अवस्था (5 वर्ष तक), कहीं पौगण्ड (10 वर्ष तक) और कहीं यौवन (15 वर्ष से अधिक) है ।
अन्यारण्येषु स्थानेषु बाल्यपौगण्डयौवनम् ॥
- पद्म पुराण
श्री वृंदावन विहार लीलाओं में श्री कृष्ण नित्य किशोर स्वरूप (15 वर्ष की अवस्था) में हैं। अन्य वन तथा स्थानों में उनकी अवस्था कहीं बाल/कुमार अवस्था (5 वर्ष तक), कहीं पौगण्ड (10 वर्ष तक) और कहीं यौवन (15 वर्ष से अधिक) है ।

