श्री राधे नंदलाल की - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, महल वर्णन (14)

श्री राधे नंदलाल की - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, महल वर्णन (14)

श्री राधे नंदलाल की, चरण रेणु सिरधार।
चित चाहे कारज सरैं, करैं सकल अघ छार॥

- श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, महल वर्णन (14)

श्री राधा-नन्दलाल की चरण-धूलि [अर्थात् वृन्दावन निज-महल की रज] को अपने सिर पर धारण करने से समस्त कार्य सिद्ध होते हैं और सभी पापों का नाश हो जाता है।