टिकारी रानी मंदिर को इसके संस्थापक के कारण राधा इंद्र किशोर के मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। गया के पास टिकारी के एक जमींदार श्री हेतराम जी की विधवा रानी इंद्रजीत कुंवर ने यह मंदिर बनवाया था।
200 साल पहले जब टिकारी की रानी वृंदावन की यात्रा के लिए जा रही थीं, तो उन पर कुछ डकैतों ने हमला किया, जो उनका सामान लूटना चाहते थे।
रानी इंद्रजीत कुंवर यमुना नदी के किनारे अपने प्राण प्यारे गोपाल की रक्षा करने के लिए भागी और सुरक्षित रूप से यमुना के दूसरे तट पर पहुँच गयीं। यह वह स्थान है जहाँ पर 150 से अधिक वर्षों पहले टिकारी रानी मंदिर का निर्माण हुआ था। मंदिर के निर्माण में लगभग 6 साल का समय लगा और 1871 में यह बन कर पूरा हुआ। मंदिर के शिखर को तांबे के पंखों से सजाया गया है, जो भारी मात्रा में है। मंदिर एक ऊंचे और समृद्ध चबूतरे पर बना हुआ है और मंदिर की पूरी बनावट अपनी असाधारण राजस्थानी वास्तुकला के साथ सरल और सुंदर है। मंदिर में श्री राधा कृष्ण राधा राजेंद्र सरकार के रूप में, राधा गोपाल, और श्री लड्डू गोपाल के एक छोटे श्रीविग्रह विराजमान हैं। कालान्तर में मंदिर को रानी इंद्रजीत कुंवर द्वारा देवराहा बाबा को दान कर दिया गया।
अब मंदिर को देवराहा बाबा भक्ति धाम के नाम से भी जाना जाता है।
स्थान:
टिकारी रानी मंदिर (देवराहा बाबा भक्ति धाम) परिक्रमा मार्ग, वृंदावन में गोदा विहार में स्थित है।
200 साल पहले जब टिकारी की रानी वृंदावन की यात्रा के लिए जा रही थीं, तो उन पर कुछ डकैतों ने हमला किया, जो उनका सामान लूटना चाहते थे।
रानी इंद्रजीत कुंवर यमुना नदी के किनारे अपने प्राण प्यारे गोपाल की रक्षा करने के लिए भागी और सुरक्षित रूप से यमुना के दूसरे तट पर पहुँच गयीं। यह वह स्थान है जहाँ पर 150 से अधिक वर्षों पहले टिकारी रानी मंदिर का निर्माण हुआ था। मंदिर के निर्माण में लगभग 6 साल का समय लगा और 1871 में यह बन कर पूरा हुआ। मंदिर के शिखर को तांबे के पंखों से सजाया गया है, जो भारी मात्रा में है। मंदिर एक ऊंचे और समृद्ध चबूतरे पर बना हुआ है और मंदिर की पूरी बनावट अपनी असाधारण राजस्थानी वास्तुकला के साथ सरल और सुंदर है। मंदिर में श्री राधा कृष्ण राधा राजेंद्र सरकार के रूप में, राधा गोपाल, और श्री लड्डू गोपाल के एक छोटे श्रीविग्रह विराजमान हैं। कालान्तर में मंदिर को रानी इंद्रजीत कुंवर द्वारा देवराहा बाबा को दान कर दिया गया।
अब मंदिर को देवराहा बाबा भक्ति धाम के नाम से भी जाना जाता है।
स्थान:
टिकारी रानी मंदिर (देवराहा बाबा भक्ति धाम) परिक्रमा मार्ग, वृंदावन में गोदा विहार में स्थित है।

