मुँह मीठी बातैं कहैं, हिरदै निपट कठोर।
व्यास कहौ क्यौं पाइहौ, नागर नंदकिशोर॥
- श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी, साखी (110)
श्री हरिराम व्यास जी कहते हैं कि जो लोग मुख से तो मीठी-मीठी बातें करते हैं, किंतु जिनका हृदय अत्यंत कठोर और कपट से भरा है, वे उस चतुर शिरोमणि नन्दनन्दन श्रीकृष्ण को भला कैसे प्राप्त कर सकते हैं? प्रभु तो केवल हृदय की सरलता और निष्कपट भाव से ही रीझते हैं।

