श्री वृन्दावन विहारी मंदिर, वर्धमान कुञ्ज, वृन्दावन

श्री वृन्दावन विहारी मंदिर, वर्धमान कुञ्ज, वृन्दावन

यह श्री वृन्दावन विहारी मंदिर है जो वर्धमान कुञ्ज, वृन्दावन में  स्थित है।
महाराज अभयचन्द मेहताब ने सं 1660 में इस मंदिर का निर्माण कराया था। उस समय वृन्दावन में हर जगह तुलसी और करील के वृक्ष थे। मंदिर के निर्माण के समय जब करील वृक्षों को काटा जाने लगा, तब मंदिर में स्थित करील वृक्ष से रक्त बहने लगा, जिसको देख महारज अभयचन्द ने वृक्षों के काटे जाने पर तत्काल रोक लगा दी। रात में महाराज को स्वप्न में एक काशी के ब्राह्मण ने कहा की इस करील वृक्ष के निचे मैं जीवित समाधी लिए विराजमान हूँ, तू मुझको मत कटवा, तू यहाँ ठाकुर वृन्दावन विहारी जी की स्थापना करवा।
तब से वह करील वृक्ष आज भी उपस्थित है।
जब यह मंदिर जीर्ण अवस्था को प्राप्त होने लगी तब वर्धमान के राजा ने माँ आनन्दमयी की उपस्थिति में इस मंदिर को श्री श्री आनंदमयी संघ को दान कर दी। तब से संघ की सहायता से मंदिर की सेवा निर्बाध गति से सम्पन्न होने लगी।
मंदिर के पीछे कुछ राजाओं की समाधी है।
मंदिर के वर्त्तमान सेवायत गोस्वामी श्री तुलसी राम शर्मा हैं, जो मंदिर की सेवा करते है।

स्थान:
श्री वृंदावन विहारी मंदिर, वर्धमान कुंज, श्री जी का मंदिर के सामने, रेतिया बाजार, वृंदावन में स्थित है।