ज्ञान कथा सीखी घनी, प्रश्न करत अति गूढ़।
नारायण बिन धारणा, वृथा बकत है मूढ़॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (43)
श्री नारायण स्वामी जी कहते हैं कि बहुत से लोगों ने ज्ञान की बड़ी-बड़ी कथाएँ सीख ली हैं और वे अत्यंत गूढ़ एवं जटिल प्रश्न भी करते हैं। परंतु, यदि हृदय में भगवद-तत्व की वास्तविक अनुभूति नहीं है, तो वह मूर्ख व्यक्ति केवल व्यर्थ की बकवास ही कर रहा है। बिना अनुभव के कोरा ज्ञान निरर्थक है।
नारायण बिन धारणा, वृथा बकत है मूढ़॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (43)
श्री नारायण स्वामी जी कहते हैं कि बहुत से लोगों ने ज्ञान की बड़ी-बड़ी कथाएँ सीख ली हैं और वे अत्यंत गूढ़ एवं जटिल प्रश्न भी करते हैं। परंतु, यदि हृदय में भगवद-तत्व की वास्तविक अनुभूति नहीं है, तो वह मूर्ख व्यक्ति केवल व्यर्थ की बकवास ही कर रहा है। बिना अनुभव के कोरा ज्ञान निरर्थक है।

