श्रुति स्मृति बिचारत तत्व सब - श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत की साखी (176)

श्रुति स्मृति बिचारत तत्व सब - श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत की साखी (176)

श्रुति स्मृति बिचारत तत्व सब, पार न पावे कोई।
श्रीहरिदासि प्रगट कियो, नित्यबिहारी सोइ॥

- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत की साखी (176)

जिस अद्भुत रस-तत्त्व का श्रुति और स्मृतियाँ निरन्तर विचार करती रहती हैं, परन्तु जिसका पार नहीं पा सकीं—उस सर्वोपरि नित्य-विहार को जगत में ललिता अवतार श्री स्वामी हरिदास जी महाराज ने प्रकट किया है।