नत्वा हरिं प्रवक्ष्यामि स्वसिद्धान्त विनिश्चयम्।
कृष्ण सेवा सदा कार्या, मानसी सा परा मता।।
- महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य, सिद्धान्तमुक्तावली (1)
श्री हरि के चरणों में प्रणाम करता हूँ एवं अब मैं अपने सिद्धांत को बताता हूँ । हर क्षण एवं हर कार्य करते हुए श्री कृष्ण की सेवा करो । सबसे उच्च कोटि की सेवा मानसी [मन से] सेवा है ।
कृष्ण सेवा सदा कार्या, मानसी सा परा मता।।
- महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य, सिद्धान्तमुक्तावली (1)
श्री हरि के चरणों में प्रणाम करता हूँ एवं अब मैं अपने सिद्धांत को बताता हूँ । हर क्षण एवं हर कार्य करते हुए श्री कृष्ण की सेवा करो । सबसे उच्च कोटि की सेवा मानसी [मन से] सेवा है ।

