व्यास बड़े हरिके जना, हरिहि नवावत माथ।
जिनके हियमें वसत हैं, तीन लोक के नाथ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (61)
श्री हरिराम व्यास कहते हैं कि श्री हरि के भक्त सबसे बड़े हैं, क्योंकि वे नित्य ही श्री हरि की भक्ति करते हैं और उन्हें प्रणाम करते हैं। उन भक्तों की महिमा अपार है, क्योंकि उनके हृदय में साक्षात् तीनों लोकों के स्वामी निवास करते हैं।

