आयु जल बुलबुला गोविंद राधे।
जाने कब फूट जाये सबको बता दे ॥
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (956)
आयु [मानव देह] एक पानी के बुलबुले जैसा है, किसी को नहीं पता यह कब फूट [समाप्त] हो जाए ।
जाने कब फूट जाये सबको बता दे ॥
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (956)
आयु [मानव देह] एक पानी के बुलबुले जैसा है, किसी को नहीं पता यह कब फूट [समाप्त] हो जाए ।

