मथुरावासिनां ये तु दोषं पश्यन्ति पामराः।
ते स्वदोषं न पश्यन्ति जन्म मृत्यु सहस्रदम्॥
- पद्म पुराण
जो जीव ब्रजवासियों में दोष देखता है, वह महापराध करता है, ब्रजवासी तो भगवान कृष्ण के अंतरंग भक्त हैं। ऐसे पामर जीव में स्वयं के दोष देखने की क्षमता खत्म हो जाती है और बार-बार वह जन्म मृत्यु के चक्र में घूमता रहता है।
ते स्वदोषं न पश्यन्ति जन्म मृत्यु सहस्रदम्॥
- पद्म पुराण
जो जीव ब्रजवासियों में दोष देखता है, वह महापराध करता है, ब्रजवासी तो भगवान कृष्ण के अंतरंग भक्त हैं। ऐसे पामर जीव में स्वयं के दोष देखने की क्षमता खत्म हो जाती है और बार-बार वह जन्म मृत्यु के चक्र में घूमता रहता है।

