चतुर्वेदं परित्यज्य माथुरं पूजयेत्सदा ।
सिद्धाभूतगणाः सर्वे ये च देवगणा भुवि ।।
- वराहपुराण, मथुरा महात्म (165.66)
चारों वेदों के ज्ञाता को छोड़ कर बृजवासी का सदा अधिक सम्मान करना चाहिए । पृथ्वी पर सिद्ध, भूत, और सभी देवता ब्रज वासी के दर्शन के लिए आते हैं ।

