राधे तू बड़भागिनी कौन तपस्या कीन - श्री परमानन्द दास जी

राधे तू बड़भागिनी कौन तपस्या कीन - श्री परमानन्द दास जी

राधे तू बड़भागिनी, कौन तपस्या कीन।
तीन लोक के नाथ हरि, सो तेरे आधीन॥

- श्री परमानन्द दास जी

हे श्री राधे! आप अत्यन्त भाग्यशालिनी हैं; आपने ऐसी कौन-सी तपस्या की है कि तीनों लोकों के स्वामी श्री हरि सदा आपके वश में रहते हैं?