विष ले खाई आग में जरौ,
श्री यमुना में बूड़ ही मरौ,
वृंदावन छाड़ौं नहिं ।।
- श्री अनन्य अली
श्री अनन्य अली कहते हैं कि चाहे विष खाना पड़े, आग में जलना पड़े, यमुना जी में डूब क्यों न जाना पड़े, परन्तु वृन्दावन मत छोड़ो ।
श्री यमुना में बूड़ ही मरौ,
वृंदावन छाड़ौं नहिं ।।
- श्री अनन्य अली
श्री अनन्य अली कहते हैं कि चाहे विष खाना पड़े, आग में जलना पड़े, यमुना जी में डूब क्यों न जाना पड़े, परन्तु वृन्दावन मत छोड़ो ।

