और कोऊ समझै सो समझे - श्री हित रामदास

और कोऊ समझै सो समझे - श्री हित रामदास

और कोऊ समझै सो समझे, हमकूँ इतनी समझ भली। 
ठाकुर नन्दकिशोर हमारे, ठकुराइन वृषभानु लली॥
- श्री हित रामराय
 
जिसे जो समझना हो समझे, हमें तो बस इतनी ही समझ भली है कि हमारे ठाकुर-ठकुराइन केवल श्री राधा-कृष्ण ही हैं।