य एकं गोविन्दं भजति कपटी दाम्भिकतया - श्री रघुनाथ दास गोस्वामी - स्व: नियम दशकम (6)

य एकं गोविन्दं भजति कपटी दाम्भिकतया - श्री रघुनाथ दास गोस्वामी - स्व: नियम दशकम (6)

य एकं गोविन्दं भजति कपटी दाम्भिकतया
तद् अभ्यर्णे शीर्णे क्षणम् अपि न यामि व्रतम् इदम्॥

- श्री रघुनाथ दास गोस्वामी - स्व: नियम दशकम (6)

जो व्यक्ति केवल श्री कृष्ण की ही भक्ति करते हैं बिना श्री राधारानी के, ऐसे कपटी व्यक्तियों के मैं कभी भी समीप नहीं जाऊँगा, यह मेरा प्रन है।